Wednesday, March 26, 2014

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संघ के एक कार्यकर्ता से एक मीडिया कर्मी ने पूछा - आर एस एस इतना बड़ा संगठन हैं लेकिन कभी मीडिया में आपके कामों की चर्चा नहीं सुनते? इस पर उस स्वयंसेवक ने कहा कि"आप अपने माता पिता की सेवा करते हैं तो क्या उस बात को अख़बारों में छपवाते हैं? ठीक इसी तरह हम लोग भारत को अपनी माँ समझते हैं फिर इसकी सेवा की बातों को अखबारों में क्या छपवाना?" भाजपा की भी बस यही गलती है कि इसने दुसरे लोगों की तरह ईमानदारी की मार्केटिंग नहीं की... वरना नरेन्द्र मोदी, डा. हर्षवर्धन, मनोहर पार्रीकर, शिवराज सिंह, रमन सिंह आदि अनेक नाम ऐसे हैं जो ईमानदारी और विनम्रता के पर्याय ह via #Samvaad

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